मलेशिया के क्वाला तेरेंगानु में जावी भाषा में छपने वाले अखबारों का दौर अब खत्म हो चुका है, लेकिन उनसे जुड़े लोगों के दिलों में उनकी यादें आज भी ताजा हैं। एक समय था जब जावी लिपि मलेशियाई मीडिया का महत्वपूर्ण हिस्सा थी, लेकिन अब यह धीरे-धीरे कम हो रही है। इस स्थिति को देखते हुए, कई लोग अब जावी लिपि को पुनर्जीवित करने की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि यह भाषा और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे संरक्षित किया जाना चाहिए। जावी लिपि के जानकार लोगों का कहना है कि इसे स्कूलों और विश्वविद्यालयों में पढ़ाया जाना चाहिए ताकि युवा पीढ़ी इससे अवगत हो सके। इस लिपि के संरक्षण से मलेशियाई विरासत को भी बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान में, जावी लिपि का उपयोग मुख्य रूप से धार्मिक ग्रंथों और कुछ सांस्कृतिक कार्यक्रमों में किया जाता है।