नार्वे की राजकुमारी मेटे-मारिट के बेटे, मारियस बोर्ग होइबी, को एक यौन उत्पीड़न मामले में ओस्लो की अदालत ने चार साल की जेल की सजा सुनाई है। उन पर लगाए गए सभी आरोपों में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है; अदालत ने कुछ आरोपों से उन्हें बरी कर दिया है। यह मामला पिछले साल सामने आया था, जब उन पर एक महिला के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था। होइबी ने शुरू में आरोपों से इनकार किया था, लेकिन बाद में अदालत में अपना रुख बदल दिया। अदालत ने कहा कि सबूतों से यह स्पष्ट है कि होइबी ने महिला के साथ जबरदस्ती की थी। इस फैसले से नार्वे के शाही परिवार पर भी असर पड़ सकता है। मामले की सुनवाई के दौरान, राजकुमारी मेटे-मारिट ने अपने बेटे का समर्थन किया था।