नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे ने इजरायली बसने वालों द्वारा की जा रही हिंसा को ‘आतंक’ और लोगों के विस्थापन का प्रयास बताया है। उन्होंने इस हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह गंभीर मानवाधिकारों का उल्लंघन है। स्टोरे ने इस बात पर जोर दिया कि हिंसा को तत्काल रोकना आवश्यक है और प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। यह बयान हाल ही में वेस्ट बैंक में इजरायली बसने वालों द्वारा फिलिस्तीनियों पर किए गए हमलों के बाद आया है। इन हमलों में संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ लोगों को घायल करने की भी घटनाएं शामिल हैं। नॉर्वे सरकार इस हिंसा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करती है और शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करती है। स्टोरे ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इस मुद्दे पर ध्यान देने और हिंसा को रोकने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया है।
