नॉर्वेजियन फ़ोल्केहjelp नामक एक गैर-सरकारी संगठन ने संयुक्त राज्य अमेरिका से मिलने वाली करोड़ों नॉर्वेजियन क्रोनर की सहायता राशि को अस्वीकार कर दिया है। संगठन ने इस सहायता को स्वीकार करने से इनकार करने का कारण स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन यह कदम अंतरराष्ट्रीय सहायता और राजनीतिक शर्तों से जुड़े मुद्दों पर बहस को जन्म दे सकता है। यह निर्णय संगठन की स्वतंत्रता और सिद्धांतों पर ज़ोर देता है। नॉर्वेजियन फ़ोल्केहjelp मानवीय सहायता और विकास कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल है। इस अस्वीकृति से अमेरिका और नॉर्वे के बीच संबंधों पर कोई तत्काल प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है, लेकिन यह भविष्य में सहायता समझौतों पर विचार करने के लिए एक उदाहरण स्थापित कर सकता है। इस मामले ने सहायता प्राप्त करने की नैतिकता और शर्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।