नार्वे के एसवी पार्टी की नेता Kirsti Bergstø ने मेटा के स्मार्ट चश्मों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उनका तर्क है कि ये चश्मे गुप्त निगरानी और दुरुपयोग की संभावना पैदा करते हैं। Bergstø का मानना है कि ये उपकरण लोगों की सहमति के बिना डेटा एकत्र कर सकते हैं, जिससे व्यक्तिगत गोपनीयता का उल्लंघन हो सकता है। एसवी पार्टी का कहना है कि इस तकनीक के संभावित जोखिमों का मूल्यांकन करने और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। यह मुद्दा नार्वे में डेटा गोपनीयता और निगरानी तकनीक पर चल रही बहस का हिस्सा है। पार्टी इस मामले को संसद में उठाएगी और मेटा के चश्मों के उपयोग को विनियमित करने या प्रतिबंधित करने के लिए कानून बनाने का प्रयास करेगी। इस कदम का उद्देश्य नागरिकों की निजता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।