नॉर्वे की संसद (स्टोर्टिंग) ने गुरुवार को सरकार की नीतियों पर कड़ी आलोचना करते हुए असहयोग की शुरुआत की। संसद भवन में सभी सदस्य इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। यह विरोध सरकार के हालिया निर्णयों और नीतियों के प्रति असंतोष को दर्शाता है। माना जा रहा है कि यह कदम सरकार पर अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने का दबाव डालेगा। इस असहयोग के कारण संसद की कार्यवाही में बाधा उत्पन्न हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना नॉर्वे की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यह देखना बाकी है कि सरकार इस स्थिति पर कैसे प्रतिक्रिया देती है।