हंगरी में रहने वाले एक नॉर्वे के व्यक्ति को सामूहिक हत्याकांड की धमकी देने के आरोप में आठ साल की जेल की सजा सुनाई गई है। अदालत में यह खुलासा हुआ कि आरोपी ने 2011 में एंडर्स ब्रेविक द्वारा किए गए नरसंहार को भी पार करने की इच्छा व्यक्त की थी, जिसमें 77 लोगों की जान गई थी। जांच के दौरान, आरोपी के चरमपंथी विचारों और हिंसात्मक इरादों का पता चला। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी ने सार्वजनिक स्थानों पर हमले की योजना बनाई थी। अदालत ने आरोपी के खतरे को गंभीरता से लेते हुए अधिकतम सजा सुनाई है। इस मामले ने हंगरी में सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है और चरमपंथी विचारधाराओं पर कड़ी निगरानी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है। यह फैसला अन्य संभावित अपराधियों के लिए एक चेतावनी के रूप में भी देखा जा रहा है।
