नार्वे के एफ-35 लड़ाकू विमानों ने नाटो के उत्तरी क्षेत्र के पास रूसी टीयू-160 बमवर्षकों को रोका। यह घटना अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में हुई। नार्वे की वायुसेना ने बताया कि उसने रूसी विमानों की पहचान की और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी। रूसी विमानों को सुरक्षित रूप से वापस लौटने दिया गया। नाटो ने इस घटना पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन यह तनावपूर्ण भू-राजनीतिक माहौल में हुई है। यह घटना रूस और नाटो के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का संकेत है। नार्वे लगातार नाटो के सहयोगियों के साथ मिलकर अपनी वायु रक्षा क्षमताओं को मजबूत कर रहा है।