नार्वे की राजधानी ओस्लो की अदालत ने मारियस बोर्ग होइबी को बलात्कार के दो मामलों में बरी कर दिया है, लेकिन करीबी संबंधों में दुर्व्यवहार का दोषी पाया गया है। अदालत ने उसे कुल चार साल की जेल की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, होइबी को चार पीड़ितों को कुल 640,000 नॉर्वेजियन क्रोनर (लगभग भारतीय मुद्रा में 50 लाख रुपये) की क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया गया है। मामला घरेलू हिंसा से संबंधित है और अदालत ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया है। होइबी पर लगाए गए बलात्कार के आरोपों में से दो को अदालत ने सबूतों के अभाव में खारिज कर दिया। यह फैसला नॉर्वे में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। अदालत का यह निर्णय पीड़ितों के अधिकारों और घरेलू हिंसा की गंभीरता को दर्शाता है।