नार्वे के लड़ाकू विमानों ने पिछले छह महीनों में रूसी सैन्य विमानों की पहचान करने के लिए 61 मिशन पूरे किए हैं। ये मिशन नॉर्वे के तट के किनारे किए गए थे। यह संख्या पहले की तुलना में काफी अधिक है, जो क्षेत्र में बढ़ी हुई सैन्य गतिविधि का संकेत देता है। नार्वे की सेना ने बताया कि रूसी विमान अक्सर अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते हैं, जिसके कारण उन्हें प्रतिक्रिया देनी पड़ती है। इन उड़ानों का उद्देश्य रूसी विमानों की पहचान करना और यह सुनिश्चित करना है कि वे नार्वेईं हवाई क्षेत्र का उल्लंघन न करें। इस घटनाक्रम से बाल्टिक सागर क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। नार्वे सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है।