नार्वे में पिछले साल हुए एक डोपिंग मामले की जांच जारी है, जिसने विश्व स्तर पर ध्यान आकर्षित किया था। यह मामला कृत्रिम टर्फ़ के कारण हुआ था, लेकिन जांचकर्ता अभी भी पूरी तरह से समझ नहीं पाए हैं कि यह कैसे हुआ। नार्वे की एंटी-डोपिंग एजेंसी के अनुसार, उन्हें अभी तक कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला है। एजेंसी के गेइर होल्डन ने बताया कि मैच देखने के तुरंत बाद उनके शरीर में कोई पदार्थ नहीं मिला, लेकिन अगले दिन पाया गया। यह मामला अभी भी एक रहस्य बना हुआ है और जांचकर्ता लाल सुराग की तलाश में हैं। जांचकर्ताओं को अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कृत्रिम टर्फ़ में मौजूद पदार्थ खिलाड़ियों के शरीर में कैसे प्रवेश कर रहे हैं।

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