नार्वे के कई विश्व कप नायकों ने शीर्ष पर पहुंचने के लिए डच या बेल्जियम फुटबॉल स्कूलिंग प्राप्त की है। यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि ये स्कूल युवा प्रतिभाओं को विकसित करने में कितने प्रभावी हैं। डच और बेल्जियम फुटबॉल अकादमियों में प्रशिक्षण ने इन खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त करने में मदद की। इन अकादमियों में खिलाड़ियों को न केवल तकनीकी कौशल सिखाया जाता है, बल्कि मानसिक और शारीरिक रूप से भी मजबूत बनाया जाता है। यह इंगित करता है कि शुरुआती फुटबॉल प्रशिक्षण का प्रभाव खिलाड़ी के करियर पर दीर्घकालिक होता है। नार्वे के फुटबॉल संघ भी अब इसी मॉडल को अपनाने पर विचार कर रहे हैं ताकि भविष्य में और अधिक विश्व स्तरीय खिलाड़ी तैयार किए जा सकें। इस अनुभव ने खिलाड़ियों को परिपक्व बनने और खेल में उत्कृष्टता प्राप्त करने में मदद की।