नार्वे के सांख्यिकी ब्यूरो (SSB) के अनुसार, 2046 तक देश में जन्म दर, मृत्यु दर से अधिक रहने का अनुमान है। हालांकि, 2046 के बाद जनसंख्या वृद्धि केवल आप्रवासन के कारण होगी। SSB का अनुमान है कि प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि, यानी जन्म और मृत्यु दर के बीच का अंतर, नकारात्मक हो जाएगा। इसका मतलब है कि नॉर्वे की आबादी को बनाए रखने और बढ़ाने के लिए आप्रवासन आवश्यक होगा। यह बदलाव नॉर्वे की जनसांख्यिकीय संरचना पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगा। SSB के विश्लेषण से पता चलता है कि भविष्य में आप्रवासन नीतियों का देश की जनसंख्या के विकास पर सीधा असर पड़ेगा। यह अनुमान दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक नियोजन के लिए महत्वपूर्ण है।