नॉर्वे के प्रधानमंत्री स्टोरे ने ओस्लो दस्तावेजों की खोज क्यों रोक दी, इस पर संसदीय सुनवाई चल रही है। यह दस्तावेज जेफ्री एपस्टीन से संबंधित मामलों में महत्वपूर्ण जानकारी रखते थे। ब्रेंडे, जो पहले विदेश मंत्री थे, अब उनके एपस्टीन से संपर्क के बारे में सवालों का जवाब दे रहे हैं। सुनवाई का उद्देश्य यह पता लगाना है कि एपस्टीन के खुलासों से क्या सबक सीखा गया है और नॉर्वे सरकार ने कैसे प्रतिक्रिया दी। दस्तावेजों की खोज को रोकने के स्टोरे के फैसले पर विपक्ष ने कड़ी आलोचना की है। इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की जा रही है। ब्रेंडे के बयान और अन्य सबूतों से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इस संवेदनशील मामले को कैसे संभाला गया।