नार्वे की एक जाँच समिति ने विदेशी गोद लेने की प्रक्रिया में गंभीर कमियों का खुलासा किया है। समिति का कहना है कि नार्वे के अधिकारियों और गोद लेने वाली एजेंसियों ने विदेशी गोद लेने से जुड़े जोखिमों को कम करके आंका है और पर्याप्त नियंत्रण नहीं रखा है। बाल एवं परिवार कल्याण मंत्री लीने वागस्लिड को यह रिपोर्ट सौंपी गई है। जाँच में यह पता चला है कि गोद लेने की प्रक्रिया में अवैध और अनैतिक तरीकों का इस्तेमाल किया गया है। पहले भी मीडिया में व्यवस्थित जबरन गोद लेने और जन्म के तुरंत बाद बच्चों के अपहरण की खबरें आ चुकी हैं। रिपोर्ट में इन मामलों की गहन जाँच और भविष्य में बेहतर नियंत्रण की सिफारिश की गई है। यह निष्कर्ष नार्वे की गोद लेने की नीतियों पर सवाल उठाते हैं।
