सरकार सभी मनोरंजक नौकाओं के पंजीकरण को अनिवार्य करने की योजना बना रही है। इस कदम का उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वालों की जवाबदेही तय करना और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना है। प्रस्तावित नियम छोटे नाव कानून में शामिल किए जाएंगे। समुद्री निदेशालय को 30 नवंबर 2026 तक इस संबंध में मसौदा अधिसूचना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। पंजीकरण प्रक्रिया से अधिकारियों को नौकाओं की पहचान करने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। यह पहल समुद्री पर्यावरण की रक्षा और नौका विहार करने वालों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार का मानना है कि यह कदम समुद्री गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाएगा।
