रक्षा मंत्री ने बताया कि नॉर्वे के साथ मिसाइल सौदे के लिए 571.9 मिलियन रिंगित का भुगतान तब किया गया, जब अनुबंध की शर्तें पूरी तरह से तय हो चुकी थीं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सौदा रद्द होने से पहले कोई अग्रिम भुगतान नहीं किया गया था। इस मामले में उठे सवालों के जवाब देते हुए मंत्री ने जोर देकर कहा कि सभी भुगतान अनुबंध के अनुसार ही किए गए थे। उन्होंने पारदर्शिता बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने की बात कही कि सार्वजनिक धन का सही उपयोग हो। इस सौदे को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को उन्होंने खारिज कर दिया। मंत्री ने आगे कहा कि भविष्य में ऐसे सौदों में और अधिक सावधानी बरती जाएगी। इस स्पष्टीकरण का उद्देश्य सौदे को लेकर फैली गलत सूचनाओं को दूर करना है।