नॉर्वे में 22 जुलाई 2011 को हुए भीषण आतंकी हमले की याद में ओस्लो में एक नई स्मृति केन्द्र स्थापित की गई है। इस केन्द्र का उद्देश्य हमले में मारे गए लोगों की पहचान बताना और इस घटना के पीछे के कारणों को समझना है। हालांकि, ‘ऑल्टिंगेट’ के नॉर्वे के मुख्य संपादक का मानना है कि यह केन्द्र पीड़ितों की भयावहता को समझने के बजाय, आगंतुकों के अनुभव पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा है। स्मृति केन्द्र का निर्माण त्रासदी के बारे में जागरूकता बढ़ाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है। यह उन पीड़ितों और उनके परिवारों को सम्मान देने का एक तरीका है जिन्होंने इस हमले में अपनी जान गंवाई या प्रभावित हुए। लेकिन, यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि केन्द्र पीड़ितों की पीड़ा को कम न करे या उसे धुंधला न कर दे। केन्द्र को मृतकों की कहानियों को सटीक और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करने की आवश्यकता है।