यूरोपीय संघ डिजिटल पहचान के लिए एक नया मॉडल लागू करने की प्रक्रिया में है। नॉर्वे ने भी इसका पालन करने के तरीकों पर विचार किया है, लेकिन अभी तक इस योजना को सार्वजनिक नहीं किया गया है। अबिद अली टीपो का मानना है कि इस निर्णय को जनता से छिपाया जा रहा है। सरकार का यह कदम पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े करता है। इस नई प्रणाली का उद्देश्य डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करना है, लेकिन जानकारी को गुप्त रखने से नागरिक समाज और विशेषज्ञों की भागीदारी सीमित हो सकती है। नॉर्वे का दृष्टिकोण यूरोपीय संघ के मॉडल से अलग हो सकता है, लेकिन सार्वजनिक चर्चा के बिना इसकी प्रभावशीलता का आकलन करना मुश्किल होगा। यह गोपनीयता और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को उजागर करता है।

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