नॉर्वे सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों (6 से 13 वर्ष की आयु के छात्र) में जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय छात्रों के संज्ञानात्मक विकास, आलोचनात्मक सोच और मौलिक लेखन कौशल पर एआई के संभावित नकारात्मक प्रभाव को लेकर चिंता के कारण लिया गया है। सरकार का मानना है कि छोटे बच्चे एआई द्वारा उत्पन्न सामग्री को वास्तविक ज्ञान से अलग करने में सक्षम नहीं हो सकते हैं। इस प्रतिबंध का उद्देश्य छात्रों को स्वतंत्र रूप से सोचने और सीखने के लिए प्रोत्साहित करना है। शिक्षा मंत्रालय ने स्कूलों को एआई के उपयोग को रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं, हालांकि शिक्षण उद्देश्यों के लिए एआई के उपयोग पर भविष्य में विचार किया जा सकता है। यह कदम शिक्षा में एआई के उचित उपयोग को लेकर वैश्विक बहस का हिस्सा है।
