उत्तरी पश्चिमी प्रांत उच्च न्यायालय ने ₹20 करोड़ की चिकित्सा अपशिष्ट निविदा में गंभीर धोखाधड़ी के आरोपों के बाद हस्तक्षेप किया है। अदालत ने निविदा प्रक्रिया में अनियमितताओं का पता लगाया है और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक नई निविदा प्रक्रिया का आदेश दिया है। यह मामला एक विवादास्पद निविदा से जुड़ा है जिसमें धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे थे। न्यायालय का यह कदम पारदर्शिता और निष्पक्षता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। नए सिरे से निविदा प्रक्रिया शुरू करने से यह सुनिश्चित होगा कि भविष्य में सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार हों। इस मामले में आगे की जांच जारी है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अदालत के इस फैसले से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश गया है।
