उत्तर मैसेडोनिया की राष्ट्रपति, गोर्डाना सिलजानोवस्का दावकोवा ने यूरोपीय संघ (ईयू) की सदस्यता वार्ता की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ईयू को 'चुपचाप सुनो और करो' की नीति से आगे बढ़कर एक अधिक समावेशी दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। राष्ट्रपति दावकोवा ने ईयू से वार्ता के तौर-तरीकों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है, ताकि सभी सदस्य देशों की चिंताओं को सुना जा सके। उनका मानना है कि वर्तमान प्रक्रिया में छोटे देशों की आवाज़ दब जाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सदस्यता वार्ता में पारदर्शिता और आपसी सम्मान आवश्यक है। यह बयान ईयू की सदस्यता के लिए उत्तर मैसेडोनिया की आकांक्षाओं और प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता को दर्शाता है। राष्ट्रपति ने ईयू के भीतर अधिक न्यायसंगत और प्रभावी सहयोग की वकालत की है।
