उत्तर कोरिया एक संगठित प्रणाली के माध्यम से अमेरिका और यूरोप की कंपनियों में हजारों ‘भूत’ कर्मचारियों को दूर से काम करने के लिए तैनात कर रहा है। ये कर्मचारी झूठी पहचान का उपयोग करते हैं और विभिन्न परियोजनाओं पर काम करते हैं। इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य किम जोंग उन की तानाशाही के लिए विदेशी मुद्रा अर्जित करना है, हालांकि यह संभावित रूप से खुफिया जानकारी एकत्र करने का भी एक माध्यम हो सकता है। ये उत्तर कोरियाई नागरिक विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए अपनी असली पहचान छिपाते हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह एक सुनियोजित प्रयास है, जो देश की आर्थिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए किया जा रहा है। इस गतिविधि से अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है। यह प्रणाली उत्तर कोरिया को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने में भी मदद करती है।