उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच परमाणु निवारण पर हो रही वार्ता को खारिज कर दिया है। प्योंगयांग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह परमाणु हथियार छोड़ने के लिए तैयार नहीं है और अपनी परमाणु शक्ति को बनाए रखेगा। यह प्रतिक्रिया अमेरिका और दक्षिण कोरिया के हालिया संयुक्त सैन्य अभ्यासों और परमाणु निवारण पर उनके बढ़ते सहयोग के बाद आई है। उत्तर कोरिया का मानना है कि ये अभ्यास और सहयोग उसके लिए खतरा हैं। इस कदम से कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ने की आशंका है और कूटनीतिक समाधान की संभावना कम हो गई है। उत्तर कोरिया ने पहले भी कई बार परमाणु निरस्त्रीकरण की वार्ताओं से इनकार किया है, और यह नवीनतम अस्वीकृति उसके दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।
