उत्तर कोरिया ने यूके में अपने राजदूत को वापस बुला लिया है। यह कदम उन प्रतिबंधों के विरोध में उठाया गया है जो उत्तर कोरिया पर लगाए गए हैं। ये प्रतिबंध एक ऐसे शिविर पर लक्षित हैं जिस पर आरोप है कि वह जबरन लाए गए यूक्रेनी बच्चों को विचारधारा से प्रभावित कर रहा है। उत्तर कोरियाई अधिकारियों का कहना है कि ये प्रतिबंध निराधार हैं और राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। उनका आरोप है कि शिविर बच्चों की देखभाल और शिक्षा प्रदान करता है। यूके ने इन आरोपों की पुष्टि की है कि रूस, यूक्रेन से बच्चों को जबरन ले जा रहा है और उत्तर कोरिया इन बच्चों को शरण दे रहा है। यह कदम दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है। यह घटनाक्रम यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के बीच आया है।
