उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका की चुनौतियों के बावजूद अपनी परमाणु हथियार नीति को अपरिवर्तनीय बताया है। प्योंगयांग का यह रुख किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग द्वारा महीने की शुरुआत में व्यक्त किए गए विचारों के अनुरूप है। किम यो-जोंग ने परमाणु कार्यक्रम को 'लाल रेखा' बताया था, जिसे उत्तर कोरिया पार नहीं करेगा। इस बयान से क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव और बढ़ गया है। उत्तर कोरिया का कहना है कि उसकी परमाणु क्षमताएं आत्मरक्षा के लिए आवश्यक हैं। यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रयासों के विपरीत है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान भविष्य में और उकसावे की आशंका जताता है।
