उत्तर कोरिया ने रविवार को स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि देश का परमाणु निरस्त्रीकरण अब एक पूर्ण और समाप्त विषय है। प्योंगयांग ने संयुक्त राज्य अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच हाल की परमाणु निवारण चर्चाओं की भी कड़ी निंदा की है। इस घोषणा से कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ने की आशंका है, क्योंकि यह उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार कार्यक्रम को छोड़ने की किसी भी संभावना को खारिज करती है। उत्तर कोरिया का यह रुख ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया अपने सहयोगी संबंधों को मजबूत करने और उत्तर कोरिया के बढ़ते परमाणु खतरे का मुकाबला करने के लिए प्रयासरत हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घोषणा बातचीत की संभावनाओं को कम कर सकती है और क्षेत्र में अनिश्चितता बढ़ा सकती है। प्योंगयांग ने पहले भी कई बार परमाणु निरस्त्रीकरण की संभावना को खारिज किया है, लेकिन इस बार की घोषणा विशेष रूप से निर्णायक लगती है।
