अमेरिका और दक्षिण कोरिया 17 से 27 अगस्त तक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ करेंगे। उत्तर कोरिया ने इसे प्योंगयांग पर आक्रमण की तैयारी के लिए एक पूर्वाभ्यास बताया है और अपनी नाराजगी व्यक्त की है। इस अभ्यास में दोनों देशों की सेनाएं भाग लेंगी, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है। उत्तर कोरिया का मानना है कि यह अभ्यास उसे उकसाने की कोशिश है। इस सैन्य अभ्यास के जवाब में उत्तर कोरिया अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन कर सकता है। विशेषज्ञ इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इससे कोरियाई प्रायद्वीप में स्थिति और बिगड़ सकती है। अमेरिका और दक्षिण कोरिया का कहना है कि यह अभ्यास रक्षात्मक है और इसका उद्देश्य उत्तर कोरिया को उकसाना नहीं है।