1185 ईस्वी में थेसालोनिकी शहर पर नॉर्मनों ने भीषण हमला किया था, जो बीजान्टिन साम्राज्य के लिए एक विनाशकारी घटना थी। थेसालोनिकी, कॉन्स्टेंटिनोपल के बाद साम्राज्य का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण शहर था। इस हमले में शहर को भारी क्षति हुई और बड़ी संख्या में लोग मारे गए। यह मध्ययुगीन इतिहास की सबसे क्रूर घटनाओं में से एक माना जाता है। इतिहासकारों का मानना है कि इस घटना ने बीजान्टिन साम्राज्य को कमजोर कर दिया। यह हमला साम्राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जिसके दूरगामी परिणाम हुए। थेसालोनिकी पर यह नरसंहार बीजान्टिन इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है।