फादर ट्रुओंग बू दीएप के प्रति सम्मान का कारण केवल धार्मिक विश्वास नहीं है, बल्कि ग़रीबों और वंचितों के लिए समर्पित उनका जीवन भी है। कई गैर-ईसाई भी टाक सई चर्च में उनकी याद में आते हैं। फादर दीएप ने अपना जीवन ज़रूरतमंदों की सेवा में समर्पित कर दिया था, जिससे सभी वर्गों के लोगों का उनके प्रति आदर बढ़ता गया। उनकी करुणा और निस्वार्थ सेवा ने उन्हें व्यापक रूप से प्रिय बना दिया। चर्च में आने वाले लोग उनकी स्मृति को नमन करते हैं और उनके जीवन से प्रेरणा लेते हैं। फादर दीएप का जीवन एक उदाहरण है कि कैसे सेवा और सहानुभूति से सभी समुदायों को जोड़ा जा सकता है। उनकी विरासत आज भी लोगों को प्रेरित करती है।