स्वीडन की रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से हेन्री कागन और केन्सो सोआई को प्रदान किया है। यह पुरस्कार उन्हें ‘असममित अणुओं’ के रहस्य को सुलझाने के लिए दिया गया है। इस खोज ने फार्मास्यूटिकल्स के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। असममित अणु, जिन्हें चिरल अणु भी कहा जाता है, प्रकृति में महत्वपूर्ण हैं और दवाओं के विकास में इनका विशेष महत्व है। वैज्ञानिकों ने इन अणुओं को शुद्ध रूप में बनाने की विधि विकसित की, जिससे अधिक प्रभावी और सुरक्षित दवाएं बनाना संभव हो पाया। इस सफलता के कारण, हृदय रोगों, पार्किंसंस रोग और एचआईवी जैसी बीमारियों के इलाज के लिए नई दवाएं विकसित की जा सकी हैं। कागन और सोआई का यह कार्य रसायन विज्ञान के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हुआ है।