यूरोपीय संघ ने अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (International Criminal Court) पर संयुक्त राज्य अमेरिका (US) द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों पर गहरी निराशा व्यक्त की है। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता डेसमंड टुटू के बाद, न्यायाधीश नवनेटम पिल्लै ने भी इन प्रतिबंधों को ‘अस्वीकार्य’ बताया है। यह कदम अंतर्राष्ट्रीय न्याय प्रणाली के कामकाज को कमजोर करता है और पीड़ितों के अधिकारों को खतरे में डालता है। यूरोपीय संघ का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय एक स्वतंत्र संस्था है और उसे अपने कार्य करने में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। यह प्रतिबंध अंतर्राष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के खिलाफ है। इस मामले पर आगे बातचीत और समाधान की आवश्यकता है ताकि अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय अपना काम प्रभावी ढंग से कर सके। इस फैसले से अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में चिंता फैल गई है।