चीन के नोबेल पुरस्कार विजेता (साहित्य, 2012) मो यान ने 22-23 जून को पहली बार कज़ाख़स्तान का दौरा किया। उन्होंने अल्माटी और अस्ताना शहरों में लेखकों, विद्वानों, छात्रों और पाठकों से मुलाकात की। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य कज़ाख़स्तान और चीन के बीच सांस्कृतिक और साहित्यिक सहयोग को बढ़ावा देना था। अल-फराबी कज़ाख़ राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, अल्माटी में एक बैठक के दौरान, मो यान ने साहित्यिक आदान-प्रदान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने दोनों देशों के साहित्य के बीच आपसी समझ और सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। यह दौरा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मो यान की यात्रा से कज़ाख़स्तान में चीनी साहित्य और संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ने की उम्मीद है।