नाइजीरिया में गैर-संक्रामक रोगों (एनसीडी) से होने वाली मौतों का आंकड़ा 29 प्रतिशत है, जिससे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव है। इन रोगों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने चीनी पर कर लगाया था, लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण यह कर प्रभावी साबित नहीं हो रहा है। उपभोक्ताओं पर महंगाई का बोझ बढ़ने से चीनी की खपत में कमी नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कर के साथ-साथ जागरूकता और स्वस्थ विकल्पों को बढ़ावा देना भी आवश्यक है। इस स्थिति से देश में मधुमेह और हृदय रोगों जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। सरकार अब इस नीति की समीक्षा करने पर विचार कर रही है ताकि स्वास्थ्य संबंधी लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके और जनता को बीमारियों से बचाया जा सके। यह कर राजस्व जुटाने के साथ-साथ स्वास्थ्य सुधार का एक महत्वपूर्ण कदम था, लेकिन महंगाई ने इसके उद्देश्य को कमजोर कर दिया है।