राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने 2027 के आम चुनावों से पहले नफ़रत फैलाने वाले भाषणों को लेकर चेतावनी जारी की है। आयोग के कार्यकारी सचिव, टोनी ओजुक्वु ने इसे मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन बताते हुए लोकतंत्र के लिए गंभीर ख़तरा बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के भाषण सामाजिक अशांति और हिंसा को बढ़ावा दे सकते हैं। आयोग ने सभी नागरिकों से ज़िम्मेदारी से बात करने और ऐसे भाषणों से बचने का आग्रह किया है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब देश में राजनीतिक गतिविधियां तेज़ी से बढ़ रही हैं। एनएचआरसी का मानना है कि नफ़रत फैलाने वाले भाषणों पर रोक लगाना ज़रूरी है ताकि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें। आयोग ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।