पूर्व उपराष्ट्रपति अतिकु अबुबकर ने केंद्र सरकार की बिजली क्षेत्र के ऋण के लिए ४ ट्रिलियन नइरा का बांड जारी करने की योजना की आलोचना की है। उन्होंने पहले जुटाए गए धन के उपयोग पर जवाबदेही की मांग की है। अतिकु का कहना है कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पहले के ऋणों का उपयोग कैसे किया गया और इस नए बांड की आवश्यकता क्यों है। उन्होंने पारदर्शिता और कुशल धन प्रबंधन पर जोर दिया है। यह कदम बिजली क्षेत्र में चल रहे वित्तीय संकट और सरकार की ऋण लेने की रणनीति पर सवाल उठाता है। अतिकु ने निवेशकों और नागरिकों से इस मामले में सरकार से स्पष्टीकरण मांगने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि जवाबदेही सुनिश्चित करने से भविष्य में इस तरह की वित्तीय समस्याओं से बचा जा सकता है।
