2027 के चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने के लिए, प्रादेशिक प्रतिनिधि सभा (PRP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबा-अहमद ने निर्वाचन आयोग (INEC) की वित्तीय स्वायत्तता पर बल दिया है। उनका तर्क है कि आयोग को अपनी बजट योजनाओं को सीधे राष्ट्रीय सभा के समक्ष प्रस्तुत करने और उनका बचाव करने की अनुमति मिलनी चाहिए। वर्तमान में, INEC का बजट सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है, जिससे आयोग की स्वतंत्रता सीमित हो सकती है। बाबा-अहमद का मानना है कि वित्तीय स्वतंत्रता INEC को बाहरी प्रभावों से मुक्त होकर अपने कार्यों को प्रभावी ढंग से करने में सक्षम बनाएगी। यह कदम चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह सुझाव, वanguard न्यूज़ में प्रकाशित हुआ, आगामी चुनावों की तैयारी के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। INEC की स्वायत्तता को मजबूत करने से चुनाव परिणामों की विश्वसनीयता बढ़ेगी।