ह्यूस्टन स्थित रियल एस्टेट डेवलपर फेमी रोजर्स के अनुसार, नाइजीरियाई नागरिक अब यह समझने लगे हैं कि पश्चिमी देशों, विशेष रूप से अमेरिका और ब्रिटेन में जीवन उतना आसान या समृद्ध नहीं है जितना पहले सोचा जाता था। ‘जपा’ (देश छोड़कर जाना) करने वाले नाइजीरियाई लोगों को अब वास्तविकता का सामना करना पड़ रहा है। रोजर्स का कहना है कि पश्चिमी देशों में बेहतर जीवन की तलाश में जाने वाले लोगों का यह भ्रम दूर हो रहा है कि वहां सब कुछ सुनहरा है। वे बताते हैं कि कई नाइजीरियाई नागरिक बेहतर अवसरों की तलाश में विदेश जाते हैं, लेकिन उन्हें वहां चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। यह बदलाव नाइजीरिया में वापस लौटने और अपने देश में अवसरों को तलाशने की ओर संकेत करता है। रोजर्स ने इस विषय पर अपनी राय ‘वanguard News’ में व्यक्त की है।