नाइजीरियाई नागरिकों ने संघीय सरकार के आतंकवादियों के पुनर्वास कार्यक्रम, ‘ऑपरेशन सेफ कॉरिडोर’ पर अपनी असहमति व्यक्त की है। पूर्व राष्ट्रपति मुहम्मदू बुहारी ने 2016 में इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य पूर्व आतंकवादियों का पुनर्वास कर देश में शांति स्थापित करना था। नागरिकों का मानना है कि आतंकवादी वास्तव में पश्चाताप नहीं कर सकते हैं और पुनर्वास कार्यक्रम सफल नहीं होगा। यह कार्यक्रम एक दशक से चल रहे आतंकवाद को समाप्त करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, लेकिन इसकी प्रभावशीलता पर अब सवाल उठ रहे हैं। आलोचकों का तर्क है कि पुनर्वास के बजाय, आतंकवादियों को न्याय के कटघरे में लाना चाहिए। सरकार ने अभी तक इस प्रतिक्रिया पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह मुद्दा नाइजीरिया में सुरक्षा और न्याय व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।
