सीनेट ने पूर्व एनएनपीसीएल प्रमुख, मेले क्यारी के विरुद्ध जारी गिरफ्तारी वारंट से स्पष्ट रूप से किनारा कर लिया है। सीनेट का कहना है कि उसकी किसी भी समिति को स्वतंत्र रूप से गिरफ्तारी वारंट जारी करने का अधिकार नहीं है। यह मामला सीनेट की लोक लेखा समिति से जुड़ा है, लेकिन सीनेट ने इस समिति द्वारा की गई इस कार्रवाई को अमान्य घोषित किया है। सीनेट ने जोर देकर कहा कि किसी भी गिरफ्तारी के लिए उचित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है और किसी भी समिति को कानून से बाहर जाकर कार्य करने का अधिकार नहीं है। इस घटनाक्रम से पूर्व एनएनपीसीएल प्रमुख को राहत मिली है, क्योंकि वारंट को अब सीनेट द्वारा मान्यता नहीं दी गई है। सीनेट ने मामले की आगे जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। यह कदम सीनेट की शक्तियों और समितियों के अधिकार क्षेत्र को स्पष्ट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।