नाइजीरिया में व्यापक रूप से भाग्यवादी दृष्टिकोण पाया जाता है, जिसमें यह माना जाता है कि सभी घटनाएं पूर्व निर्धारित हैं और मनुष्य के नियंत्रण से बाहर हैं। यह विचार धार्मिक और अंधविश्वासी मान्यताओं से जुड़ा हुआ है, जो नाइजीरियाई समाज में प्रबल हैं। भाग्यवादी दृष्टिकोण के अनुसार, व्यक्ति भविष्य को प्रभावित करने में असमर्थ हैं, क्योंकि सब कुछ भाग्य द्वारा तय होता है। इस मानसिकता के कारण लोगों में निराशा और निष्क्रियता की भावना पैदा हो सकती है। लेखिका, डोनु कोगबारा, इस विषय पर अपने विचार व्यक्त करती हैं, हालांकि लेख अधूरा है। यह प्रवृत्ति नाइजीरियाई समाज में नकारात्मकता को बढ़ावा दे सकती है। भाग्यवाद की यह अवधारणा, नाइजीरिया के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने में गहराई से समाई हुई है।