नाइजीरिया में विशेषज्ञों ने स्व-चिकित्सा की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि बिना चिकित्सकीय सलाह के दर्द निवारक, एंटीबायोटिक और हर्बल मिश्रणों का उपयोग लिवर से संबंधित बीमारियों को बढ़ा रहा है। यह अभ्यास लाखों लोगों को अपरिवर्तनीय अंग क्षति के जोखिम में डाल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, गलत निदान और चिकित्सा पर्यवेक्षण के अभाव में दवाओं का अंधाधुंध उपयोग एक गंभीर समस्या है। यह स्थिति लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालती है और गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। उन्होंने जनता से स्व-चिकित्सा से बचने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या के लिए योग्य चिकित्सक से परामर्श करने का आग्रह किया है। यह चेतावनी नाइजीरिया में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।