सीनेट की लोक लेखा समिति ने 2019 के ऑडिट रिपोर्ट में सीमा शुल्क सेवा पर लगे 62.2 अरब नाइरा के कम राजस्व जमा करने के आरोप को खारिज कर दिया है। समिति ने आरोपों की जांच की और पाया कि सीमा शुल्क ने सभी आवश्यक राजस्व का भुगतान कर दिया था। यह निर्णय ऑडिट रिपोर्ट में पाई गई विसंगतियों के समाधान के बाद आया है। समिति ने सीमा शुल्क को भविष्य में बेहतर लेखांकन प्रथाओं को सुनिश्चित करने की सलाह दी है। इस मामले में, सीमा शुल्क पर गलत आरोप लगाने की बात सामने आई है। इस फैसले से सीमा शुल्क सेवा की प्रतिष्ठा को राहत मिली है और वित्तीय पारदर्शिता पर जोर दिया गया है।
