एक नए रिपोर्ट के अनुसार, दसवां राष्ट्रीय सदन अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में प्रवेश करते हुए 92 चुनावी वादों में से 68 को पूरा करने में विफल रहा है। AdvoKC फाउंडेशन द्वारा जारी इस रिपोर्ट में सदन के प्रदर्शन का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट में पाया गया है कि सदन कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित करने में पीछे रहा है, जिससे सरकार के नीतिगत एजेंडे पर असर पड़ सकता है। इन अधूरे वादों में विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित मुद्दे शामिल हैं, जिनमें आर्थिक सुधार, सामाजिक कल्याण और शासन शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय कम होने के कारण इन वादों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण होगा। हालांकि, सदन के पास अभी भी शेष कार्यकाल में कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित करने का अवसर है। यह रिपोर्ट सदन के प्रदर्शन और जवाबदेही पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी है।