आर्चबिशप ओनुओहा ने कहा कि रोमन कैथोलिक बिशपों का सम्मेलन किसी विशेष चर्च या संगठन के लिए नहीं, बल्कि पूरे नाइजीरियाई राष्ट्र के लिए बोला था। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिशपों का वक्तव्य केवल धार्मिक मामलों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें पूरे देश के हित शामिल थे। ओनुओहा के अनुसार, बिशपों ने नाइजीरियाई नागरिकों की चिंताओं और आकांक्षाओं को व्यक्त किया। यह बयान देश में चल रहे मुद्दों पर कैथोलिक चर्च की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है। उनका मानना है कि बिशपों का यह हस्तक्षेप नाइजीरिया में न्याय और शांति की वकालत करने के उनके मिशन का हिस्सा है। इस बयान ने देश में व्यापक चर्चा पैदा कर दी है, जिसमें कई लोगों ने बिशपों के साहस और विचारों की सराहना की है। ओनुओहा ने जोर देकर कहा कि बिशपों ने राष्ट्रीय एकता और प्रगति के लिए काम किया है।