नाइजीरिया में आज, 12 जून 2026 को, देश के लोकतांत्रिक इतिहास की महत्वपूर्ण ‘जून 12’ घटना की 33वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। 1993 में इसी दिन नाइजीरियाई नागरिकों ने जनरल इब्राहिम बबांगिडा द्वारा स्थापित दो-दलीय प्रणाली के तहत एक नया राष्ट्रपति चुना था। राष्ट्रपति पद के लिए मुख्य मुकाबला सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (एसडीपी) के उम्मीदवार चीफ मोशूद अबियोला और नेशनल रिपब्लिकन कन्वेंशन (एनआरसी) के उम्मीदवार के बीच था। यह चुनाव नाइजीरियाई राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ था, लेकिन बाद में चुनाव परिणामों को रद्द कर दिया गया, जिससे देश में राजनीतिक अस्थिरता फैल गई। ‘जून 12’ की घटना नाइजीरिया में लोकतंत्र और चुनावी निष्पक्षता के लिए एक प्रतीक बन गई। हालांकि, समय के साथ इस घटना का प्रभाव कम होता जा रहा है, और वर्तमान पीढ़ी के बीच इसकी जागरूकता घट रही है। इस वर्षगांठ पर, नाइजीरियाई नागरिक लोकतंत्र के महत्व और भविष्य की चुनौतियों पर विचार कर रहे हैं।