नाइजर में विद्रोह करने वाले सैनिकों का ‘तख्तापलट’ सुरक्षा सूत्रों के अनुसार समाप्त हो गया है। रूसी हस्तक्षेप के बाद वायु सेना का एक महत्वपूर्ण ठिकाना फिर से सेना के नियंत्रण में आ गया है। बताया जा रहा है कि इस दौरान भारी संख्या में लोगों की मौत हुई है। यह कार्रवाई नाइजर की राजनीतिक स्थिति को और जटिल बना सकती है। सूत्रों का कहना है कि रूस ने इस सैन्य ठिकाने को पुनः प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फिलहाल, स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और आगे की कार्रवाई की आशंका है। इस घटना के बाद नाइजर में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ गई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नाइजर की सरकार इस स्थिति को कैसे संभालती है।