निडेक की वार्षिक बैठक में निवेशकों ने कंपनी में हुए घोटाले को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। सीईओ मित्सुया किशिदा को कंपनी के अस्तित्व और भविष्य को लेकर तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। निवेशकों ने किशिदा की व्यवसाय को पटरी पर लाने की योजना पर भी गहरी शंका जताई। यह बैठक कंपनी के लिए एक चुनौतीपूर्ण माहौल में आयोजित हुई, जहाँ निवेशकों का विश्वास डगमगाया हुआ है। किशिदा ने सवालों का जवाब देने की कोशिश की, लेकिन निवेशकों की चिंताएं दूर नहीं हो पाईं। कंपनी के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और निवेशकों की निगाहें अब किशिदा की योजनाओं के क्रियान्वयन पर टिकी हैं। निडेक के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जहाँ उसे निवेशकों का विश्वास फिर से हासिल करना होगा।