निकारागुआ के राष्ट्रपति डैनियल ओर्टेगा ने अपना शासन आगे बढ़ा दिया है और संकेत दिया है कि निकट भविष्य में देश में चुनाव नहीं होंगे। 2018 में हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद, सरकार ने विरोध को बेरहमी से दबा दिया था। ओर्टेगा और उनकी पत्नी रोसारियो मुरिलो तब से सत्ता पर जकड़े हुए हैं। इस निर्णय से देश में राजनीतिक संकट और गहरा सकता है, क्योंकि विपक्ष ने चुनावों की कमी की आलोचना की है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय भी इस कदम पर चिंता व्यक्त कर रहा है। यह कदम निकारागुआ में लोकतंत्र के लिए एक और झटका है, जहाँ राजनीतिक स्वतंत्रता पहले से ही सीमित है। ओर्टेगा द्वारा सत्ता पर पकड़ मजबूत करने से मानवाधिकारों के हनन की आशंका बढ़ गई है।