निकारागुआ के नेता डैनियल ओर्टेगा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि देश में भविष्य में कोई चुनाव नहीं होंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव विपक्षी दलों को फिर से सत्ता हासिल करने का अवसर प्रदान करते हैं। ओर्टेगा की इस घोषणा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है क्योंकि इसे लोकतंत्र के लिए एक और झटका माना जा रहा है। विपक्षी दलों ने ओर्टेगा के शासन पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दबाने का आरोप लगाया है। इस बयान का मतलब है कि निकारागुआ में राजनीतिक परिदृश्य में कोई बदलाव नहीं होगा और ओर्टेगा का शासन जारी रहेगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से प्रतिक्रिया आने की संभावना है, जिसमें संभावित रूप से नए प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। यह घोषणा निकारागुआ में राजनीतिक अस्थिरता और मानवाधिकारों के उल्लंघन को और बढ़ा सकती है।